राष्ट्रनिर्माण में युवाओ के योगदान की जरुरत

युवा किसी भी देश का भविष्य है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ 65 % आबादी 35 वर्ष से कम है। तो आप समझ सकते है कि इस देश के लिये युवाओं का सही दि...

राष्ट्रहित सर्वोपरि।

राष्ट्रहित सर्वोपरि।

किसी भी देश की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि वहाँ की सरकार और जनता राष्ट्रहित में क्या कार्ये कर रही है।
यदि किसी देश की सरकार या जनता राष्ट्रहित को ध्यान ना रखकर निजी स्वार्थ या लाभ के लिये राष्ट्रहित से समझौता करती है तो उस देश को खतरे में समझना चाहिये।
आज के समय मे ये अक्सर देखने को मिलने लगा है के राजनीतिक दल और कुछ लोग अपने निजी क्षणिक लाभ के लिये देश की एकता अखंडता से भी खिलवाड़ करने से नही बचते। देश को जातियो और धर्म मे बाट कर ये अपने निजी स्वार्थ को सिद्ध करना चाहते है। अपने विपक्षी और किसी विचारधारा का विरोध करने के लिये ये देश का विरोध करने से भी नही चूकते। आप खुद ही सोचिये अगर ये देश ही सुरक्षित नही होगा तो आप कैसे सुरक्षित रह सकते है। अगर देश को कमजोर किया तो हम भी कभी मजबूत नही हो सकते एक कमजोर देश को गुलाम होने से कोई नही रोक सकता। इसलिये अगर आप खुद को सुरक्षित करना चाहते है तो राष्ट्रहित को ऊपर रखिये राष्ट्र को मजबूत करिए। 
अगर कोई सरकार या व्यक्ति राष्ट्रहित में कार्ये करता है तो उसमें साथ खड़े रहिये अगर साथ भी न दे सको तो कम से कम विरोध मत कीजिये। राष्ट्रहित से कभी समझौता मत कीजिये।
 राष्ट्रहित के लिये राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करे। हमे एक साथ मिलकर राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिये । और हम जिस भी स्तर पर हो जिस भी स्तिथि में हो अपना सहयोग सुनिश्चित करना चाहिये।

आप देश के लिये जो अच्छा कर सकते है अपने स्तर से करने का प्रयास करे और ऐसे लोगो को सहयोग करे जो राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे है। अगर हम अपने कार्ये को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करे तो ये भी अपने आप मे बहुत बड़ा योगदान होगा। किसी भी राष्ट्रहित के कार्ये को राजनीति के चश्मे से ना देखे। आप किसी भी विचारधारा , पंथ, सम्प्रदाय के हो  राष्ट्र के विषय मे अपने बीच किसी भी मतभेद को ना आने दे।
इसी में राष्ट्र और हम सबका हित है। राष्ट्रहित से बढ़ कर कुछ नही राष्ट्रहित सर्वोपरि रहना चाहिए।
हमे अपनी जिम्मेदारी जैसे देश को स्वच्छ रखना, ईमानदार नागरिक बनना, न रिश्वत लेने और न ही देना, भ्रस्टाचार का साथ ना देना, सही वोट डालना, सामाजिक सहयोग को बढ़ाना, राष्ट्रहित में कार्ये करना आदि को समझना चाहिए। अच्छा नागरिक वही है जो स्वयं जिम्मेदार बने और दूसरों को भी प्रेरित करे। युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी शक्ति है। अगर युवा अपनी जिम्मेदारी समझेगे तो देश को आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता।
अगर आज हम कहते है कि अमेरिका महाशक्ति है वहाँ के नागरिक समृद्ध है तो उसका कारण है वहाँ के लोगो का अमेरिका के प्रति प्रेम राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना जिसे वो कहते है अमेरिका फर्स्ट।
अगर हम स्वयं से पहले राष्ट्र को रखेगे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेगे तो भारत को भी महाशक्ति बनने और यहाँ की जनता को खुशहाल बनने से कोई नही रोक सकता।
इसलिय  हमे जाति, धर्म, सम्प्रदाय , राजनीतिक मतभेद और निजी महत्वकांशाओ से ऊपर उठकर देश का सोचना होगा और  राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।

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